मदकरी नायक कर्नाटक के इतिहास में साहस, स्वाभिमान, संघर्ष और वीरता के प्रतीक के रूप में याद किए जाते हैं। वे चित्रदुर्ग के नायक राजवंश के अंतिम प्रमुख शासक थे और अपने राज्य की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए किए गए संघर्ष के कारण इतिहास में विशिष्ट स्थान रखते हैं।
चित्रदुर्ग का विशाल पाषाण दुर्ग, उसकी पहाड़ियाँ, विशाल द्वार, प्राचीर और रक्षात्मक संरचनाएँ मदकरी नायक के इतिहास से गहराई से जुड़ी हुई हैं।
चित्रदुर्ग के नायक शासकों में बिच्चुगत्ति भरमन्ना नायक का नाम अत्यंत गौरव के साथ लिया जाता है। वे केवल युद्धभूमि के वीर नहीं थे, बल्कि कुशल प्रशासक, दुर्ग निर्माता, जल-संसाधनों के विकासकर्ता और प्रजा की सुरक्षा को महत्व देने वाले शासक भी थे।