चित्रदुर्ग का इतिहास केवल उसके विशाल किले, पत्थर की दीवारों, नायक शासकों और युद्धों की कहानी नहीं है। इस भूमि के सामाजिक और सांस्कृतिक इतिहास को आकार देने में दानियों, व्यापारियों, समाजसेवियों और परोपकारी व्यक्तियों का योगदान भी उतना ही महत्वपूर्ण रहा है।
ऐसे ही स्मरणीय व्यक्तित्वों में चित्रदुर्ग के काशी अप्पन्ना शेट्टी का नाम उल्लेखनीय है।
श्री सिद्धवनहल्ली निजलिंगप्पा स्वतंत्रता सेनानी, अधिवक्ता, राजनेता और कर्नाटक के राजनीतिक इतिहास की प्रमुख हस्तियों में से एक थे। उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम, कन्नड़ भाषी क्षेत्रों के एकीकरण, एकीकृत मैसूर राज्य के निर्माण तथा स्वतंत्रता के बाद कर्नाटक के राजनीतिक और प्रशासनिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।