श्री सिद्धवनहल्ली निजलिंगप्पा स्वतंत्रता सेनानी, अधिवक्ता, राजनेता और कर्नाटक के राजनीतिक इतिहास की प्रमुख हस्तियों में से एक थे। उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम, कन्नड़ भाषी क्षेत्रों के एकीकरण, एकीकृत मैसूर राज्य के निर्माण तथा स्वतंत्रता के बाद कर्नाटक के राजनीतिक और प्रशासनिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।