
गोल ग्रेनाइट चट्टानों के बीच खड़ा कल्लिन कोटे (पत्थर का किला), जिसे एलु सुत्तिन कोटे (सात घेरों वाला किला) भी कहते हैं, चित्रदुर्ग की पहचान है।
सदियों में बना किला
इस पहाड़ी को कई राजवंशों ने चरणों में सुदृढ़ किया, किन्तु किले ने अपना वर्तमान भव्य रूप 16वीं से 18वीं शताब्दी तक यहाँ से शासन करने वाले चित्रदुर्ग के नायकों (पालेगारों) के समय में पाया। 1779 में यह हैदर अली और टीपू सुल्तान के अधिकार में चला गया।
क्या देखें
- बिना गारे के जोड़े गए पत्थरों की सात दीवारें।
- अनेक द्वार और गुप्त मार्ग।
- हिडिम्बेश्वर और एकनाथेश्वरी मंदिर।
- लंबी घेराबंदी में काम आने वाले तालाब और अन्न भंडार।
- ओनके ओबव्वा की खिड़की।
टिप्पणियाँ (1)
Arjun · 14 अक्टूबर 2026
Visited last winter – the view from the top at sunset is unforgettable!
