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चित्रदुर्ग किला: सात परतों वाला पत्थर का दुर्ग

सदियों में बना और नायकों के समय में सुदृढ़ हुआ ‘सात घेरे वाला किला’ विशाल ग्रेनाइट चट्टानों के बीच से उठता है।

Rलेखक Raghavendra Padmashaliप्रकाशित 14 सितंबर 20261 मिनट का पाठ1,840 बार देखा गया
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Illustration of Chitradurga – fort

गोल ग्रेनाइट चट्टानों के बीच खड़ा कल्लिन कोटे (पत्थर का किला), जिसे एलु सुत्तिन कोटे (सात घेरों वाला किला) भी कहते हैं, चित्रदुर्ग की पहचान है।

सदियों में बना किला

इस पहाड़ी को कई राजवंशों ने चरणों में सुदृढ़ किया, किन्तु किले ने अपना वर्तमान भव्य रूप 16वीं से 18वीं शताब्दी तक यहाँ से शासन करने वाले चित्रदुर्ग के नायकों (पालेगारों) के समय में पाया। 1779 में यह हैदर अली और टीपू सुल्तान के अधिकार में चला गया।

क्या देखें

  • बिना गारे के जोड़े गए पत्थरों की सात दीवारें।
  • अनेक द्वार और गुप्त मार्ग।
  • हिडिम्बेश्वर और एकनाथेश्वरी मंदिर।
  • लंबी घेराबंदी में काम आने वाले तालाब और अन्न भंडार।
  • ओनके ओबव्वा की खिड़की।

स्रोत एवं संदर्भ

  • Karnataka State Department of Archaeology, Museums and Heritage
  • Archaeological Survey of India – Chitradurga Fort
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Raghavendra Padmashali

Founder, Admin & Chief Editor of Chitharadurga.

टिप्पणियाँ (1)

  • Arjun · 14 अक्टूबर 2026

    Visited last winter – the view from the top at sunset is unforgettable!

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