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महान विभूतियाँ

इस खंड में चित्रदुर्ग के राजाओं, स्वतंत्रता सेनानियों, लेखकों, कलाकारों, संतों, विद्वानों, समाज सुधारकों और अन्य विशिष्ट हस्तियों को शामिल किया गया है।

15 लेख

त. रा. सु. – चित्रदुर्ग के इतिहास को साहित्य में अमर करने वाले महान कथाकार

महान विभूतियाँ

त. रा. सु. – चित्रदुर्ग के इतिहास को साहित्य में अमर करने वाले महान कथाकार

तलुकु रामस्वामय्या सुब्बा राव (21 अप्रैल 1920 – 10 अप्रैल 1984), जिन्हें साहित्य जगत में त. रा. सु. (Ta. Ra. Su.) के नाम से जाना जाता है, आधुनिक कन्नड़ साहित्य के महत्वपूर्ण उपन्यासकारों में से एक थे।

राघवेंद्र पद्मशाली19 अक्टूबर 20263 बार देखा गया
श्रीमती ओनके ओबव्वा – चित्रदुर्ग की वीरांगना

महान विभूतियाँ

श्रीमती ओनके ओबव्वा – चित्रदुर्ग की वीरांगना

ओनके ओबव्वा कर्नाटक के इतिहास और लोकस्मृति की सबसे प्रसिद्ध वीर महिलाओं में से एक हैं। उनका नाम ऐतिहासिक चित्रदुर्ग किले से गहराई से जुड़ा हुआ है।

राघवेंद्र पद्मशाली17 अक्टूबर 20262,222 बार देखा गया
श्री एस. निजलिंगप्पा – एकीकृत कर्नाटक के शिल्पकार

महान विभूतियाँ

श्री एस. निजलिंगप्पा – एकीकृत कर्नाटक के शिल्पकार

श्री सिद्धवनहल्ली निजलिंगप्पा स्वतंत्रता सेनानी, अधिवक्ता, राजनेता और कर्नाटक के राजनीतिक इतिहास की प्रमुख हस्तियों में से एक थे। उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम, कन्नड़ भाषी क्षेत्रों के एकीकरण, एकीकृत मैसूर राज्य के निर्माण तथा स्वतंत्रता के बाद कर्नाटक के राजनीतिक और प्रशासनिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

राघवेंद्र पद्मशाली19 अक्टूबर 20265 बार देखा गया